सस्ता हो रहा खाने का तेल, 20 रुपये प्रति किलो तक की आई गिरावट

सरकार ने पिछले महीनों में कच्चे पाम ऑयल, कच्चे सोयाबीन ऑयल और कच्चे सूरजमुखी ऑयल पर बेसिक ड्यूटी को 2.5 फीसदी से घटाकर जीरो कर दिया है। करीब साल भर से खाने का तेल महंगा हो रहा था, जिस पर लगाम लगाने के लिए सरकार तमाम प्रयास कर रही है। पिछले महीनों के मुकाबले खाने के तेल की कीमतें करीब 4-7 रुपये तक गिरी हैं।

सरकार ने पिछले महीनों में कच्चे पाम ऑयल, कच्चे सोयाबीन ऑयल और कच्चे सूरजमुखी ऑयल पर बेसिक ड्यूटी को 2.5 फीसदी से घटाकर जीरो कर दिया है
करीब साल भर से खाने का तेल महंगा हो रहा था, जिस पर लगाम लगाने के लिए सरकार तमाम प्रयास कर रही है

हाल ही में सरकार ने डीजल-पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में कटौती का तोहफा दिया है। अब उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से ये खबर आ रही है कि खाने के तेलों पर भी बेसिक ड्यूटी को भी घटा दिया गया है। दरअसल, सरकार पिछले कई महीनों से खाने के तेल पर लगाम लगाने के लिए कोशिशें कर रही है, जिसके चलते वह तमाम कदम उठा रही है। खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि देशभर के प्रमुख खुदरा बाजारों में खाद्य तेल की कीमतों में 5-20 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है।

उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए, दिल्ली में खुदरा पाम तेल की कीमत तीन नवंबर को 139 रुपये प्रति किलोग्राम से पांच रुपये घटकर 133 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई, जबकि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में यह 140 रुपये प्रति किलोग्राम से 18 रुपये गिरकर 122 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई, जबकि तमिलनाडु के कुड्डालोर में यह सात रुपये घटकर 125 रुपये किलो रह गई।

उन्होंने कहा कि मूंगफली तेल की खुदरा कीमतों में भी 5-10 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है, जबकि सोयाबीन तेल में 5-11 रुपये प्रति किलोग्राम और सूरजमुखी के तेल की कीमतों में 31 अक्टूबर से तीन नवंबर के बीच 5-20 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है।

खबर के अनुसार सरकार ने अब तक कच्चे पाम ऑयल, कच्चे सोयाबीन ऑयल और कच्चे सूरजमुखी ऑयल पर बेसिक ड्यूटी को 2.5 फीसदी से घटाकर जीरो कर दिया है। सरकार ने ये कदम खाने के तेल की कीमतों में कमी लाने के मकसद से उठाया है, जो पिछले करीब 1 साल से तेजी से बढ़ रहे हैं।

इन तेलों पर एग्रिकल्चर सेस में भी कटौती की गई है। इसे 20 फीसदी से घटाकर कच्चे पाम ऑयल के लिए 7.5 फीसदी तक कर दिया गया है। वहीं कच्चे सोयाबीन ऑयल और कच्चे सूरजमुखी ऑयल के लिए इसे 5 फीसदी कर दिया गया है। आरबीडी पॉमोलीन ऑयल, रिफाइंड ऑयल और रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल पर बेसिक ड्यूटी घटाकर 17.5 फीसदी तक कर दी गई है जो पहले 32.5 फीसदी थी।

खाने के तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार ने पाम ऑयल, सनफ्लावर ऑयल और सोयाबीन ऑयल पर आयात शुल्क में भी युक्तिसंगत बनाया है। अडानी विल्मर और रुचि इंडस्ट्रीज समेत खाने का तेल बेचने वाले प्लेयर्स ने थोक भाव में प्रति लीटर 4-7 रुपये तक की कटौती की है। फेस्टिवल सीजन में ग्राहकों को राहत देने के लिए ये कदम उठाए गए।

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