अच्छी खबर: COVID लॉकडाउन से हुआ फायदा, ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में रेकॉर्ड गिरावट

लंदन
साल 2020 में कोरोना वायरस की महामारी के कारण दुनिया को एक बड़ा फायदा हुआ है। दरअसल, इस साल ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है। लॉकडाउन और ट्रैवल पर प्रतिबंधों की वजह से कोविड-19 के दौरान उत्सर्जन साल 2020 में 2.4 अरब टन कम हो गया। माना जा रहा है कि वैश्विक उत्सर्जन 34 गीगाटन रहा जो 2019 के मुकाबले सात प्रतिशत कम था। ब्रिटेन में सबसे भारी 13 प्रतिशत गिरावट देखी गई।

एक रिसर्च में बताया गया है कि इसका बड़ा कारण ट्रांसपोर्ट का बंद होना था। यह देश में जलवायु प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत है। यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट ऐंगलिया, यूनिवर्सिटी एग्जीटर और ग्लोबल कार्बन प्रॉजेक्ट के रिसर्चर्स ने यह स्टडी की थी। यह स्टडी अर्थ सिस्टम साइंस डेटा जर्नल में प्रकाशित की गई है।

कहां-कितना कम?
इसके मुताबिक दिसंबर 2020 में सड़क परिवहन की वजह से वैश्विक उत्सर्जन पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत कम था और एविएशन प्रदूषण 40% कम। अमेरिका में उत्सर्जन 12% कम था और EU27 में 11 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, चीन में पहले ही प्रतिबंध खत्म कर दिए गए थे। इस कारण यहां उत्सर्जन बढ़ता रहा और सिर्फ 1.7% कम हुआ।

कैसे सीमित हो उत्सर्जन?
माना जा रहा है कि साल 2021 में उत्सर्जन बढ़ेगा और के कारण तापमान में बढ़त रोकने के लिए हर साल कार्बनडायऑक्साइड उत्सर्जन में 1-2 अरब टन की गिरावट जरूरी है। संयुक्त अरब अमीरात के प्रफेसर कोरिन लि क्वेर ने कहा है, ‘वैश्विक उत्सर्जन में सतत गिरावट के लिए सभी प्रयास नहीं किए जा रहे हैं और उत्सर्जन 2019 के स्तर पर पहुंच रहा है।’ उनका कहना है कि ब्रिटेन में ट्रांसपोर्ट पर ऐक्शन से आने वाले सालों में उत्सर्जन को सीमित किया जा सकता है।

कोरिन का कहना है कि उत्सर्जन में कमी बरकरार रखने को ज्यादा पैदल चलने, साइकल का इस्तेमाल करने और इलेक्ट्रिक बाइक चलाने को बढ़ावा देना चाहिए अगर 2021 तक इसे हासिल करना है और लंबे वक्त में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना होगा। लीड रिसर्चर प्रफेसर पियरी फीलिंगस्टीन का कहना है कि वैश्विक उत्सर्जन के 50-60 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार देश नेट जीरो उत्सर्जन के लिए प्रतिबद्ध हैं।

(Source: Daily Mail)

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