रायपुर. छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों को इन दिनों दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. प्रदेश के 17 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया वहीं अब बृजराज नगर नागरिक मंच ने रेल पटरी पर उतरकर आंदोलन शुरू कर दिया है जिससे हावड़ा मुम्बई रेल मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया है. आंदोलन के चलते मुंबई-हावड़ा रुट पर दर्जनभर से अधिक ट्रेन प्रभावित हुई हैं. अलग-अलग स्टेशनों में गाड़ियों को रोका गया है. हावड़ा की ओर से आने वाली ट्रेनों को बृजराज नगर से पहले रोका गया है. ओडिशा के ब्रजराज नगर में 6 ट्रेनों के स्टॉपेज व अन्य यात्री सुविधाओं को लेकर रेल रोको आंदोलन किया गया है. आंदोलन गुरुवार सुबह 11 बजे से शुरू हुआ.
रेल रोको आंदोलन के चलते साउथ बिहार, संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस, शालीमार, आजाद हिंद,
समरसता, गीतांजली, उत्कल, एलटीटी के साथ महानदी कोल फील्ड से कोयला लदान ले जाने वाली माल गाड़ियां प्रभावित रहीं. पुरी-ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस को ओडिशा के बामडा स्टेशन में रोक दिया गया था. अप दिशा की उत्कल एक्सप्रेस को बिलासपुर से पहले रोक गया. बिलासपुर सें झारसुगड़ा जाने वाली टिटलागढ़ पैसेंजर को रायगढ़ से ही वापस कर दिया गया. पुणे संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस को रायगढ़ में ही रोका गया. ट्रेन प्रभावित होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. आन्दोलनकारी मुंबई मेल, उत्कल, अहमदाबाद, पुरी जोधपुर, एलटीटी ,साउथ बिहार जैसे 6 ट्रेनों के स्टॉपेज ब्रजराजनगर में मांग कर रहे हैं. यात्री अरुण कुमार का कहना है कि घंटों रायगढ़ में फंसे हैं, आन्दोलन कब खत्म होगा, यह पता नहीं. रायगढ़ स्टेशन मास्टर पीके राउत ने बताया कि आन्दोलन के चलते ट्रेनों को होल्ड किया गया है. जैसे ही आन्दोलन खत्म होगा ट्रेनों को रवाना किया जाएगा. आन्दोलनकारियों से रेल प्रशासन बातचीत कर रहा है.
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 17 ट्रेनें रद्द होने पर सियासत
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 17 ट्रेनें रद्द होने पर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है. पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने ट्रेनें रद्द होने को आवश्यक बताया. उन्होंने कहा कि देशभर में कोयले का संकट है. बिजली आपूर्ति बड़ी चुनौती है. केंद्र सरकार ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए कुल 42 ट्रेनें को रद्द की हैं.
गौरतलब है कि रायपुर रेल डिवीजन की 17 ट्रेनों को गुरुवार को 25 मई तक के लिए फिर से रद्द कर दिया गया. इसमें 9 एक्सप्रेस और 8 मेमू लोकल ट्रेने शामिल हैं. पहले 23 ट्रेनों को रद्द किया गया था. हालांकि राज्य सरकार के विरोध के बाद कुछ ट्रेनों का परिचालन शुरु किया गया था. राजधानी रायपुर से प्रतिदिन 50 हजार लोग ट्रेनों से आवाजाही करते हैं. इसके अलावा बिलासपुर रायगढ़ सहित तमाम बड़े रेलवे स्टेशन से हजारों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं. ऐसे में यात्रियों की मुसीबत बढ़ गई है.