शंकराचार्य यूनिवर्सिटी में हुआ मैराथन का आयोजन

भिलाई। शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई के द्वारा मैराथन दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मैराथन दौड़ में यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता का ताज देवेंद्र वर्मा एवं सुप्रीति ने अपने नाम किया। कार्यक्रम सुबह 6:00 बजे से यूनिवर्सिटी गेट से आरंभ किया गया। यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित इस मैराथन का ध्येय वाक्य “हम फिट तो इंडिया फिट” था। विश्वविद्यालय के कुलसचिव पी.के. मिश्रा के द्वारा हरी झंडी दिखाकर मैराथन का आरंभ किया गया। प्रतियोगियों ने यूनिवर्सिटी कैम्पस से खमरिया, जुनवानी चौक होते हुए स्मृति नगर तथा झरोखा होटल से होकर चौहान टाउन तक दौड़ते हुए यह मैराथन पूरी की। इस मैराथन को सबसे तेजी से पूरा करने वाले पुरुष वर्ग में देवेंद्र वर्मा, बीबीए तृतीय वर्ष के छात्र ने यह दौड़ 20 मिनट में संपन्न की। द्वितीय स्थान पर गौरव साहू तथा तृतीय स्थान पर करण वर्मा रहे। छात्राओं की तरफ से सुप्रिती ने प्रथम स्थान तथा रितिका सिंह द्वितीय और एकता तृतीय स्थान बना पाई।

मैराथन में छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों ने भी अपनी दौड़ लगाई। कार्यक्रम के सफल होने पर विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) ए.के.झा ने विद्यार्थियों को अपनी सेहत पर ध्यान रखने हेतु दैनिक जीवन में भी दौड़ को जरूरी बताया और कहा कि यह किसी उम्र पर निर्भर नहीं करता प्रति व्यक्ति को सुबह के समय अवश्य दौड़ना चाहिए। इससे शरीर तथा मस्तिष्क दोनों स्वस्थ रहेंगे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कुलसचिव पी. के. मिश्रा ने कहा कि भारत में विश्व की खेल महाशक्ति बनने की अपार संभावना है। भारत में 1.4 बिलियन युवा जनसंख्या है, जो भारत के जनसांख्यिकी लाभांश का नेतृत्व करती है। इनमें 26% जनसंख्या 10-24 वर्ष के आयु-वर्ग में आती है, जिसमें वो अकूत क़ाबिलियत और असीम माद्दा है जो देश को खेल महाशक्ति बना सकता है। भारत जनसंख्या में अपने से कई सौ गुणा छोटे देश ‘सिंगापुर’ के Active SG मॉडल से खेल परितंत्र/ढाँचा स्थापित करने की सीख ले सकता है, जिसके ज़रिये सिंगापुर ने देश में खेल को बढ़ावा दिया है और ख़ुद को शारीरिक रूप से सक्रिय देश के रूप में स्थापित किया है। हालांकि भारत फिट इंडिया मूवमेंट और खेलो इंडिया जैसी योजनाओं के ज़रिये सिंगापुरी मॉडल की तर्ज़ पर ही चल रहा है। विभिन्न राज्यों की खेल नीतियां खेल नर्सरी पर ज़ोर दे रही हैं, जिनका मकसद युवाओं में स्कूल पाठ्यक्रम के अध्ययन के साथ-साथ खेल स्किल विकसित करना है। टॉप्स योजना के द्वारा मिलने वाले विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और उच्च गुणवत्तापूर्ण खेल उपकरणों/सामानों ने भारतीय खिलाड़ियों को मेडल हकदारों की अग्रिणी पंक्ति में खड़ा किया है।


कार्यक्रम का संयोजन डॉ. नेहा सोनी विभागाध्यक्ष प्रबंधन विभाग एवं सह-संयोजन विनय कुमार साहू सहायक प्राध्यापक कंप्यूटर साइंस में संपन्न हुआ। इस मैराथन को सफल बनाने के लिए डॉ. नेहा सोनी एवं विनय कुमार साहू ने सभी प्राध्यापकों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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