रायपुर। देश प्रदेश में किसानों को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। आज प्रदेश के सभी जिलों में भाजपा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। भाजपा की प्रभारी पुरंदेश्वरी रायपुर के धरने में शामिल होने वाली थी। लेकिन किसी कारण से उनका दौरा रद्द हो गया। जिस पर भाजपा की जमकर किरकिरी हुई। किसानों के मुद्दों पर पक्ष विपक्ष में जमकर सोशल मीडिया में पोस्ट और बयानों की जुबानी जंग चल रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा
छत्तीसगढ़ के किसानों को बहुत बधाई।
राज्य के 20 वर्षों के इतिहास में सर्वाधिक धान ख़रीदी का रिकॉर्ड बन गया है।
21 जनवरी तक 84.44 लाख टन धान की ख़रीदी हो चुकी है। और ख़रीदी जारी है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया
.@bhupeshbaghel जी
खरीदने में और इकट्ठा करने में फर्क होता है!
करोड़ों का धान सड़ गया,हजारों किसान धान बेचने से वंचित रह गये। रकबा, बारदाने, तो कभी अवैध वसूली से किसानों ने जान तक दे दी।
@INCChhattisgarh जब दाना-दाना खरीदने और ₹2500 MSP का वादा पूरा कर लो तब यह डींगें हांकना।
पुरंदेश्वरी केंद्रीय दौरा रद्द होने पर कांग्रेस ने चुटकी ली आर.पी. सिंह ने ट्वीट किया छत्तीसगढ़ भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी देवी के आज आंदोलन में शामिल नहीं होने की सूचना मिल रही है। ठीक भी है जब तमाम भाजपा नेताओं ने श्री @bhupeshbaghel पर आस्था दिखाते हुए मोदी सरकार के विरोध में अपना सारा धान सरकारी मंडियों में बेच दिया हो तब पुरंदेश्वरी देवी का क्या काम?
भाजपा का आरोप है कि भूपेश सरकार में किसानों की स्थिति दयनीय है। सरकार किसानों का धान नहीं खरीद पा रही है। किसान राज्य सरकार के कामकाज से परेशान हो गए हैं। सरकार को अन्नदाता किसानों का सम्मान करना चाहिए और किसानों का पूरा अनाज खरीदना चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसान हितैषी होने का नाटक करते हैं।
कांग्रेस कहती है प्रदेश सरकार को किसानों की चिंता है। इसलिए केन्द्र के किसान विरोधी काले कानून का कांग्रेस विरोध कर रही है। केंद्र सरकार की अड़चनों के बाद भी प्रदेश सरकार ने किसानों का अनाज खरीदा है। खुद भाजपा नेताओं ने सरकारी मंडियों में धान बेचा है। प्रदेश में भाजपा किसानों के नाम पर राजनीति कर रही है। प्रदेश ने धान की खरीदी का नया किर्तिमान रचा है।