रिकॉर्ड कोरोना केस से सकते में अमेरिका, फाइजर की कोरोना वैक्सीन को दी मंजूरी

अमेरिका में लगातार तीसरे दिन रिकॉर्ड संख्या में कोरोना वायरस के केस मिले हैं। जिसके बाद आनन-फानन में खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने फाइजर की कोरोना वैक्सीन को अपनी मंजूरी दे दी है। बता दें कि गुरुवार को हाई पावर्ड वैक्सीन एडवाइजरी पैनल ने 9 घंटे की मैराथन बहस के बाद फाइजर और बायोएनटेक के कोविड-19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग को अपनी हरी झंडी दे दी थी। माना जा रहा है कि एफडीए की मंजूरी के बाद अब जल्द ही इस वैक्सीन को जनता के बीच पहुंचाया जाएगा। पिछले 24 घंटे में अमेरिका में कोरोना के 230000 मामले सामने आए हैं। यह एक दिन में किसी देश में मिले कोरोना वायरस के संक्रमितों की सबसे ज्यादा संख्या है।

Pfizer-BioNTech Covid vaccine: अमेरिका में लगातार तीसरे दिन रिकॉर्ड संख्या में कोरोना वायरस के केस मिले हैं। जिसके बाद आनन-फानन में खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने फाइजर की कोरोना वैक्सीन को अपनी मंजूरी दे दी है। बता दें कि गुरुवार को हाई पावर्ड वैक्सीन एडवाइजरी पैनल ने 9 घंटे की मैराथन बहस के बाद फाइजर और बायोएनटेक के कोविड-19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग को अपनी हरी झंडी दे दी थी।

रिकॉर्ड कोरोना केस से सकते में अमेरिका, FDA ने फाइजर की वैक्सीन को दी मंजूरी

अमेरिका में लगातार तीसरे दिन रिकॉर्ड संख्या में कोरोना वायरस के केस मिले हैं। जिसके बाद आनन-फानन में खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने फाइजर की कोरोना वैक्सीन को अपनी मंजूरी दे दी है। बता दें कि गुरुवार को हाई पावर्ड वैक्सीन एडवाइजरी पैनल ने 9 घंटे की मैराथन बहस के बाद फाइजर और बायोएनटेक के कोविड-19 वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग को अपनी हरी झंडी दे दी थी। माना जा रहा है कि एफडीए की मंजूरी के बाद अब जल्द ही इस वैक्सीन को जनता के बीच पहुंचाया जाएगा। पिछले 24 घंटे में अमेरिका में कोरोना के 230000 मामले सामने आए हैं। यह एक दिन में किसी देश में मिले कोरोना वायरस के संक्रमितों की सबसे ज्यादा संख्या है।

गुरुवार को वैक्सीन एडवाइजरी पैनल ने दी थी मंजूरी
गुरुवार को वैक्सीन एडवाइजरी पैनल ने दी थी मंजूरी

अमेरिका की वैक्सीन एडवाइजरी पैनल ने गुरुवार को फाइजर कोरोना वैक्सीन के सुरक्षा और प्रभावकारिता के आंकड़ों पर 9 घंटे की मैराथन बहस की थी। जिसके बाद वैक्सीन एडवाइजरी समूह ने 17-4 वोटों के साथ फैसला किया कि फाइजर का शॉट 16 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में सुरक्षित है। फाइजर ने दावा किया है कि उसकी कोरोना वायरस वैक्सीन 95 प्रतिशत से ज्यादा प्रभावी है।

मंजूरी के साथ विवादों में आई यह वैक्सीन
मंजूरी के साथ विवादों में आई यह वैक्सीन

अमेरिकी राष्ट्रपति निवास वाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मेडोज ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के प्रमुख स्टीफन हान पर इस बात के लिए दबाव बनाया है कि वह फाइजर कंपनी द्वारा निर्मित कोरोना वायरस टीके के आपात स्थिति में उपयोग की शुक्रवार तक मंजूरी दें। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मेडोज ने शुक्रवार को हान से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि हान ने संकेत दिए कि वह नियामकों को इस बारे में निर्देश देंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टीके को जल्द से जल्द मंजूरी देने के लिए दबाव बना रहे हैं।

फाइजर का दावा- कोरोना के खिलाफ असरदार है वैक्सीन
फाइजर का दावा- कोरोना के खिलाफ असरदार है वैक्सीन

फाइजर के वैक्सीन रिसर्च टीम की प्रमुख कैथरीन जॉनसन ने गुरुवार को ऐतिहासिक साइंस कोर्ट-स्टाइल बैठक में अमेरिकी रेगुलेटर्स को बताया कि हमने 40,000 से अधिक व्यक्तियों में एक अनुकूल सुरक्षा और सहनशीलता प्रोफाइल का प्रदर्शन किया है। बैठक के दौरान गुरुवार को बहुत सारे सवाल उठाए गए थे, ज्यादातर किशोरावस्था में वैक्सीन की प्रभावकारिता से संबंधित थे।

मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन को भी जल्द मिलेगी मंजूरी
मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन को भी जल्द मिलेगी मंजूरी

17 दिसंबर को मॉडर्ना और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की कोरोना वैक्सीन को मंजूरी देने के लिए भी एक बैठक प्रस्तावित है। मॉडर्ना ने भी दावा किया है कि उसकी कोरोना वायरस वैक्सीन कोरोना के खिलाफ काफी असरदार है। माना जा रहा है कि मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन को भी मंजूरी दे दी जाएगी। हालांकि शुरुआत में इन वैक्सीन की आपूर्ति सीमित संख्या में होगी। प्राथमिकता के अनुसार, वैक्सीन की डोज सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों, सेना और पुलिसकर्मियों को दी जाएगी।

21 दिसंबर से शुरू हो सकती है वैक्सीनेशन
21 दिसंबर से शुरू हो सकती है वैक्सीनेशन

मॉडर्ना के सीईओ स्टीफन बैंसेल ने कहा कि अगर प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती है और मंजूरी दी जाती है तो वैक्सीन को 21 दिसंबर तक मॉर्केट में उतार दिया जाएगा। मॉडर्ना ने अपने अप्लीकेशन में सोमवार को घोषित किए गए अपने डेटा को दर्शाया है। जिसमें वैक्सीन के प्रभावी होने का दावा किया गया है। कंपनी ने दावा किया है कि ट्रायल के दौरान सभी आवश्यक वैज्ञानिक मानदंडों को पूरा किया गया है।

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