क्रैश होने वाला पहला रॉकेट नहीं था SpaceX SN8, इतिहास में दर्ज हैं ये भयानक हादसे

हाल ही में SpaceX का स्टारशिप रॉकेट SN8 लैंडिंग के वक्त क्रैश हो गया। टेस्ला कंपनी के मालिक Elon Musk इस सीरीज के रॉकेट को मंगल पर भेजने के लिए तैयार कर रहे हैं। इस घटना पर पूरी दुनिया की नजरें रहीं और क्रैश को एक बड़ी झटके के तौर पर देखा गया। हालांकि, इतिहास में ऐसे कई मौके रहे हैं जब महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट के तहते बनाए गए रॉकेट लॉन्च के बाद ठीक से उड़ान भी नहीं भर सके और आग के गोले में तब्दील हो गए। यहां नजर डालते हैं ऐसे ही 5 मानवरहित रॉकेट क्रैश पर जिनकी इतिहास में काफी चर्चा हुई है-

Space Rockets Crash: विज्ञान की दुनिया में ऐसा कई बार हुआ है कि लॉन्च के बाद रॉकेट सफलतापूर्वक अपने गंतव्य पर पहुंचने की जगह क्रैश हो गए। हाल ही में SpaceX के रॉकेट क्रैश ने ऐसे ही हादसों के जख्म ताजा कर दिए हैं।

क्रैश होने वाला पहला रॉकेट नहीं था SpaceX SN8, इतिहास में दर्ज हैं ये भयानक हादसे

हाल ही में SpaceX का स्टारशिप रॉकेट SN8 लैंडिंग के वक्त क्रैश हो गया। टेस्ला कंपनी के मालिक Elon Musk इस सीरीज के रॉकेट को मंगल पर भेजने के लिए तैयार कर रहे हैं। इस घटना पर पूरी दुनिया की नजरें रहीं और क्रैश को एक बड़ी झटके के तौर पर देखा गया। हालांकि, इतिहास में ऐसे कई मौके रहे हैं जब महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट के तहते बनाए गए रॉकेट लॉन्च के बाद ठीक से उड़ान भी नहीं भर सके और आग के गोले में तब्दील हो गए। यहां नजर डालते हैं ऐसे ही 5 मानवरहित रॉकेट क्रैश पर जिनकी इतिहास में काफी चर्चा हुई है-

​Antares रॉकेट क्रैश
​Antares रॉकेट क्रैश

अक्टूबर, 2014 में ऑर्बिटल साइंसेज का Antares रॉकेट इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन पर कार्गो लेकर जाने वाला था। यह काम पहले कई बार किया जा चुका था लेकिन इस दिन रॉकेट लिफ्ट-ऑफ के चंद सेकंड बाद ही फट गया। घटना में कोई घायल नहीं हुआ लेकिन जांच में NASA और Orbital ATK ने पाया कि विस्फोट Antares के दो फर्स्ट-स्टेज AJ-26 इंजिन में से एक के टर्बोपंप में खराबी के कारण हुआ था। (Image: NASA/ Joel Kowsky)

Proton M
Proton M

जुलाई, 2013 में रूस का Proton-M रॉकेट तीन नैविगेशन सैटलाइट लेकर जाने वाला था। इसका लॉन्च कजाकस्तान की बाइकोनूर लॉन्च फसिलटी से किया जाना था लेकिन यह रॉकेट भी क्रैश हो गया। रूस की स्पेस एजेंसी Roscosmos के मुताबिक हादसा रॉकेट के इंजन इमर्जेंसी शटटाउन मोड में चले गए थे। इस हादसे से करीब 15.4 करोड़ यूरो का नुकसान हुआ था। इस घटना में कोई घायल तो नहीं हुआ था लेकिन रॉकेट के ईंधन से निकला हानिकारक धुआं इलाके में फैल गया था। बाद में बारिश के कारण इससे राहत मिली थी। (Tsenki TV)

​GPS IIR
​GPS IIR

अमेरिकी एयरफोर्स के ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम के लिए लॉन्च किए जा रहे GPS-IIR के नंबर 2 सॉलिड रॉकेट मोटर की केसिंग में क्रैक आ गया। क्रैक की वजह से मलबा अंदर जमा होने लगा और ऐसे में सुरक्षा कारणों से फ्लाइट टर्मिनेशन सिस्टम ऐक्टिवेट हो गया और सिर्फ 1,600 फीट की ऊंचाई पर ही यह क्रैश हो गया। इसे सबसे नीचे क्रैश हुए रॉकेट में से एक माना जाता है। यह विस्फोट इतना तेज था कि केप कनेवरल से 10 मील दूर तक दरवाजे-खिड़कियां टूटने की खबरें आई थीं। रॉकेट से निकले हानिकारक धुएं के कारण लोगों से अंदर ही रहने को कहा गया था।

​Vanguard TV3
​Vanguard TV3

साल 1957 में अमेरिका और रूस के बीच स्पेस की रेस तेज हो गई थी। दोनों आगे निकलना चाहते थे और रूस अक्टूर, 1957 में अपनी पहली सैटलाइट लॉन्च कर चुका था। इसके कुछ ही महीने बाद दिसंबर में अपनी पहली सैटलाइट भेजने की कोशिश की लेकिन उसका Vanguard Test Vehicle 3 (TV3) सिर्फ 4 फीट ही ऊपर जा सका। इसके बाद उसके इंजिन का थ्रस्ट खत्म हो गया और रॉकेट सीधा पैड पर गिरकर आग के गोले में तब्दील हो गया। इससे लॉन्च पैड भी बुरी तरह तहस-नहस हो गया। रूस के साथ प्रतिद्वंदिता के चलते इसे मीडिया ने ‘Flopnik’ और ‘Kaputnik’ तक कह डाला।

​Intelsat 708
​Intelsat 708

चाइना के शी चैन्ग सैटलाइट लॉन्च सेंटर से Intelsat 708 को लॉन्च किया जाना था लेकिन टेक ऑफ के फौरन बाद यह समझ में आने लगा कि रॉकेट की दिशा गलत हो गई है। यह सीधे जाने की बजाय एक ओर मुड़ा और फिर आग के गोले में तब्दील होकर जमीन पर आ गिरा। यह सबसे घातक हादसों में से एक था। यह रॉकेट एक गांव पर गिरा जहां 6 लोगों की मौत हो गई। एक अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक मरने वालों की संख्या दरअसल ज्यादा थी। कई इमरातें भी तबाह हो गई थीं। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि रॉकेट के गाइडेंस सिस्टम में खामी की वजह से यह हादसा हुआ था।

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