लद्दाख बॉर्डर पर चीन की नई चाल, PLA सैनिकों को पहना रहा 'आयरनमैन एक्सोस्केलेटन सूट'

पेइचिंग
लद्दाख में भारत से उलझा चीन लगातार अपने सैनिकों को नए-नए हथियारों से लैस कर रहा है। हाल में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सीमा पर तैनात चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) अपने सैनिकों को आयरनमैन एक्सोस्केलेटन सूट पहना रहा है। इस सूट की सहायता से चीनी सैनिक बेरहम और अत्याधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भी आसानी से मिशन को अंजाम दे सकते हैं। हाल में ऐसी भी रिपोर्ट आई थी कि चीन ने भारत की सीमा पर अपने नए होवित्जर गनों को भी तैनात किया है।

गश्त लगाने में प्रभावी है यह सूट
चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, एक्सोस्केलेटन सूट की मदद से चीनी सैनिक गश्ती और संतरी ड्यूटी जैसे मिशन में अत्याधिक प्रभावकारी है। जिन सैनिकों को यह सूट सबसे पहले दिया गया है वे दक्षिण-पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में में स्थित नागरी में तैनात हैं। बता दें कि इस इलाके में चीन का एक महत्वपूर्ण एयरफोर्स बेस भी है। जो भारत के खिलाफ चीनी आक्रमण का बड़ा केंद्र बन सकता है।

नागरी में चीनी सैनिक पहन रहे आयरनमैन सूट
नागरी में तैनात सैनिकों ने इस सूट को पहनना भी शुरू कर दिया है। इसकी मदद से वे उबड़ खाबड़ रास्तों और खराब मौसम में भी भारी सामान ढोने में सक्षम हैं। इससे सैनिकों के कमर या पैर में चोट लगने का जोखिम भी कम होता है। नागरी समुद्रतल से 5000 मीटर से ज्यादा की ऊंचाई पर स्थित है। ऐसे में वहां के मौसम में भारी सामान के साथ सैनिकों को गश्त करने में परेशानी होती थी।

वजन को सूट के फ्रेम में किया जा रहा ट्रांसफर
चीन सेंट्रल टेलीविजन (CCTV) की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के ही सप्लाई डिलिवरी मिशन के दौरान शिनजियांग मिलिट्री कमांड से जुड़े कई सैनिकों ने इस सूट की सहायता से लगभग 20-20 किलोग्राम का खाना-पानी अपने बैकपैक में ढोया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीकी से बैकपैक का वजन सैनिकों के पैरों के बजाय एक्सोस्केलेटन सूट के फ्रेम में स्थानांतरित किया जाता है। इतने वजन के साथ पहाड़ी इलाकों में गश्त को काफी प्रभावी माना जाता है। इससे मिशन की अवधि भी बढ़ सकती है।

ऑक्सीजन की कमी से भार उठाना है मुश्किल काम
अत्याधिक ऊंचाई पर होने के कारण इन इलाकों में ऑक्सीजन की कमी होती है। इससे सामान अपने वास्तविक वजन की तुलना में बहुत अधिक भारी लगता है। ऊंचाई बढ़ने के साथ इंसान की सहनशक्ति भी घट जाती है। ऐसे में एक एक्सोस्केलेटन सूट पहनने से उन्हें भारी वजन उठाने में आसानी होती है। दूसरी बात यह है कि चीनी सैनिक इतनी ऊंचाई वाले इलाकों में रहने के अभ्यस्त नहीं हैं। ऐसे में भीषण ठंड के कारण बड़ी संख्या में सैनिक बीमार भी पड़ रहे हैं।

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