सरकार डेयरी किसानों के जीवन यापन स्तर में सुधार के संदर्भ में सहकारी संस्थाओं से बात की

नयी दिल्ली, 12 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह ने एनडीडीबी और डेयरी सहकारी समितियों के साथ नए व्यवसाय मॉडल के माध्यम से डेयरी किसानों की आजीविका में सुधार के तरीकों पर चर्चा की है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अलावा, गुजरात दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) और कायरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के प्रतिनिधि आनंद, गुजरात में शुक्रवार को हुई इस बैठक में उपस्थित थे। मंत्री के हवाले से एक बयान में कहा गया है, ‘‘भारत में डेयरी व्यवसाय से व्यवसाशय के बजाय लाखों किसानों की आजीविका कहीं ज्यादा है। मूल्य के संदर्भ में दूध, भारत की सबसे बड़ा कृषि जिंस है और यह धान और गेहूं के सम्मिलित मूल्य से कहीं अधिक है।’’ उन्होंने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, एनडीडीबी डेयरी किसानों के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित आय सृजन गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘आजीविका के विविधीकरण की ओर लक्षित विविध वैकल्पिक गतिविधियों के माध्यम से आय प्राप्ति के कई अन्य धाराओं में डेयरी किसानों को संलग्न करने के लिए प्रेरित करना और उसमें शामिल करना, इन किसानों के आर्थिक मजबूती और कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है।’’ मंत्री ने जकरियापुरा गांव में डेयरी किसानों के साथ बातचीत की और बायोगैस संयंत्रों की एक नई तकनीक अपनाने के लिए उनकी सराहना की।

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