किसान आंदोलन के पीछे कौन? केंद्र और विपक्ष में वार-पलटवार, बादल बोले- सबके सामने माफी मांगें मंत्री

नई दिल्‍ली
के तेज होने के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी जोर पकड़ रही है। केंद्रीय मंत्री ने आंदोलन के माआवोदियों और वामपंथियों के हाथों में चले जाने की बात कही थी। इसपर किसान संगठनों ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो केंद्र उन लोगों को सलाखों के पीछे डाल दे। कभी बीजेपी की सहयोगी रही शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने भी आंदोलन को लेकर केंद्रीय मंत्रियों की बयानबाजी पर नाराजगी जताई है। ने कहा कि ऐसे बयान देने वाले केंद्रीय मंत्रियों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किसानों की बात सुनने की अपील की।

बड़बोले मंत्रियों पर फूटा बादल का गुस्‍साअकाली दल के अध्‍यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों की आवाज दबा रही है। उन्‍होंने कहा कि केंद्र जिनके लिए यह कानून लेकर आया है, वही किसान इन्‍हें लागू होते नहीं देखना चाहते। उन्‍होंने कहा, “दुर्भाग्‍यपूर्ण है कि केंद्र किसानों की आवाज सुनने के बजाय उसे दबा रही है। किसान नए कानून नहीं चाहते। सरकार क्‍यों तानाशाही दिखा रही है जब जिनके लिए कानून बने हैं, वही इसे नहीं चाहते? मैं पीएम से गुजारिश करूंगा कि किसानों की बात सुनें। उन्‍होंने आंदोलन को खालिस्‍तानियों और राजनीतिक दलों से जोड़ने वाले बयानों पर भी नाराजगी जाहिर की। बादल ने कहा कि वे ऐसे बयानों और केंद्र के रवैये की निंदा करते हैं।

भारतीय किसान यूनियन ने भी जताया विरोधदरअसल रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ‘नवभारत टाइम्‍स’ से बातचीत में कहा था कि किसानों का आंदोलन अब वामपंथियों और माओवादियों के हाथ में चला गया है। इसपर भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा कि अगर ऐसा है तो “केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को उन्‍हें पकड़ना चाहिए। अगर किसी प्रतिबंधित संगठन के लोग हमारे बीच घूम रहे हैं तो उन्‍हें सलाखों के पीछे डालिए। हमें तो यहां ऐसा कोई नहीं मिला। अगर मिलेगा तो भगा देंगे।”

केंद्र सरकार ने किसान संगठनों से फिर बातचीत की पेशकश की है मगर उधर से पॉजिटिव रेस्‍पांस नहीं आया है। किसानों ने आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार को जयपुर-दिल्ली और दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे को ब्‍लॉक करने की तैयारी है। पंजाब और हरियाणा के अंदरूनी इलाकों से किसान ट्रैक्‍टर, ट्रकों में भरकर दिल्‍ली की ओर पहुंच रहे हैं। बॉर्डर्स पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है।

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